Live today - जियो वर्तमान में ...
- Jyoti Chandre

- 7 hours ago
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जीवन 'क्षण-क्षण' से बनता है। इसलिए वर्तमान क्षण का , “ आज” का सही उपयोग करनेवाला व्यक्ति ही जीवन का वास्तविक सत्य और लक्ष्य प्राप्त कर सकता है। वर्तमान का अर्थ है वह समय जो अभी चल रहा है, वर्तमान , आज यह अतीत (बीता हुआ) और भविष्य (आने वाला) के बीच का समय है। वर्तमान का महत्व यह है कि यह एकमात्र ऐसा समय है जिस पर हमारा नियंत्रण है और जिसमें हम कार्य कर सकते हैं। अतीत और भविष्य की चिंता छोड़, वर्तमान (आज) में जीने से मानसिक शांति, कार्यक्षमता में वृद्धि और जीवन का सच्चा आनंद मिलता है। जीवन के हर पल का सदुपयोग और सचेत रहना ही सफलता का रहस्य है । वर्तमान में जब हम एकाग्र होकर कार्य करते हैं, तो उत्पादकता और कार्यक्षमता बढ़ती है। वर्तमान याने नियंत्रण और सृजन । वर्तमान क्षण हमारे भविष्य को संवारने का आधार है।जीवन की छोटी-छोटी खुशियों और हर पल का भरपूर आनंद लेने से ही अतीत के पछतावे और भविष्य की अनिश्चितता से मुक्ति मिलती है, जिससे शांति और संतोष का अनुभव होता है। वर्तमान क्षण को जागरूक रहकर जीने से व्यक्तिगत विकास होता है,और हम जीवन को गहराई से समझ पाते हैं। वर्तमान का महत्व समझते हुये अपने शरीर और मन का खयाल रखना यही संतुलित जीवन का आधार है । जिंदगी किताब नही जिसे बारबार पढा जाये,यह अनुभव है जिसे अभी जीना होता है । खुशी कई छोटे छोटे पलो मे छुपी होती है,एक मुस्कान, एक बातचीत, एक सुकून भरी साँस ! जो लोग आजसे दोस्ती कर लेते है,वे कल से डरना छोड देते है । बिता हुआ कल जो स्मृती बन चुका है। उसे पकडके बैठने से आज की गती रुक सी जाती है। जो चला गया उसे बिदा दो । जो सामने है उसे अपना लो । “जिंदगी “ किसी आने वाले दिन का वादा नही है । यह तो इस पल मे धडक रही है, सास ले रही है । “कल” खुश होगे, कल जी लेंगे और इसी कल के भरोसे मे “आज” हाथ से निकल जाता है ऐसे कहते है ; जो “आज “ को जिले वही सच मे धनवान । कल की चिंतामे जो जी ले, वो है खुद से बेईमान । हर सुबह हम स्वस्थ होते है, साँस लेते है, यह ईश्वर का दिया हुआ उपहार है , पर हम उसे धन्यवाद बोलने से पहले ही कल की फिक्रमे रख देते है । क्या यह सही है ? रोज की जिंदगी याने "तनाव , बेचैनी और डर" अक्सर किसी बडी समस्या से नही बल्की उस “कल” से ही पैदा होते है , जो अभी आया ही नही ! चिंता से दिल और दिन भारी होता है ,छोड देने से जीवन सहेज होता है । ”आज” को जिना लापरवाही नही है , “आज” को आनंद से जीना यही समझदारी है । कल की चिंता मत करो न कल का भरोसा है । ना पल का ठिकाना
जो साँस अभी चल रही है वही जीवन का खजाना । वक्त कभी 'कल ' कहकर नही आता । वह हमेशा “आज” बनकर खडा होता है । आइए , आज संकल्प ले, हम कल की चिंता मे आज का आनंद , आजको नही खोयेंगे । हर दिन को बोझ नही , ईश्वर का दिया वरदान समजकर जिएंगे । क्यों की आज जिया हुआ पल ही सबसे किमती पुंजी बनता है । जब हम “आज “ को पुरे मनसे जीना सीख लेते है तो दिलसे बस यही निकलता है , “वाह ! क्या जिंदगी है ! जिंदगी कितनी खूबसूरत है !" ज्योती चंद्रे



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